लामा फेरा: परिचय
लामा फेरा एक प्राचीन तिब्बती चिकित्सा पद्धति है, जिसे तिब्बत के लामा (बौद्ध भिक्षु) द्वारा विकसित किया गया था। यह एक शक्तिशाली ऊर्जात्मक हीलिंग तकनीक है, जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित और शुद्ध करने में मदद करती है। लामा फेरा का उपयोग आध्यात्मिक उपचार, मानसिक शांति और आत्मा की शुद्धि के लिए किया जाता है। इस पद्धति में विशेष मंत्रों और प्रतीकों का उपयोग किया जाता है, जो ऊर्जा को स्थानांतरित और संतुलित करने में मदद करते हैं।
लामा फेरा की विधि
- स्थान का चयन:
लामा फेरा को एक शांत और पवित्र स्थान पर किया जाना चाहिए। यह स्थान स्वच्छ और सकारात्मक ऊर्जा से भरा होना चाहिए। - आसन:
हीलर और हीली दोनों को आरामदायक आसन में बैठना चाहिए। हीली को जमीन पर लेटाया भी जा सकता है। - मंत्र जाप:
लामा फेरा के दौरान विशेष तिब्बती मंत्रों का जाप किया जाता है। ये मंत्र ऊर्जा को जागृत और संतुलित करने में मदद करते हैं। - प्रतीकों का उपयोग:
हीलर विशेष तिब्बती प्रतीकों का उपयोग करता है जो ऊर्जात्मक उपचार में सहायक होते हैं। ये प्रतीक ऊर्जा चैनल को शुद्ध और सशक्त करने में मदद करते हैं। - ऊर्जा स्थानांतरण:
हीलर अपनी हथेलियों के माध्यम से ऊर्जा को हीली के शरीर में स्थानांतरित करता है। यह प्रक्रिया ऊर्जात्मक संतुलन और शुद्धि के लिए महत्वपूर्ण होती है।
लामा फेरा के लाभ
- मानसिक शांति:
लामा फेरा मानसिक शांति प्रदान करता है और तनाव को दूर करने में मदद करता है। - शारीरिक उपचार:
यह पद्धति शरीर के विभिन्न हिस्सों में ऊर्जा संतुलन को पुनर्स्थापित करती है, जिससे शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। - आध्यात्मिक:
लामा फेरा से आत्मा की शुद्धि होती है और आध्यात्मिक जागरूकता में वृद्धि होती है। - ऊर्जा संतुलन:
यह तकनीक शरीर के सभी ऊर्जा चैनल को संतुलित करती है, जिससे संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार होता है। - नकारात्मक ऊर्जा :
लामा फेरा नकारात्मक ऊर्जा को निष्कासित करता है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाता है। - ध्यान की गहराई:
यह पद्धति ध्यान की गहराई को बढ़ाती है और ध्यान में स्थिरता लाती है। - आध्यात्मिक विकास:
लामा फेरा साधक के आध्यात्मिक विकास में सहायक होती है। - चिंता और निराशा:
यह तकनीक चिंता और अवसाद को दूर करने में मदद करती है। - रोग प्रतिरोधक क्षमता:
लामा फेरा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। - नींद में सुधार:
यह पद्धति नींद के गुण और मात्रा को सुधारती है। - सकारात्मक सोच:
लामा फेरा सकारात्मक सोच और दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करती है। - कल्याण:
यह तकनीक शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण में सहायक होती है। - आत्मविश्वास:
लामा फेरा से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। - आध्यात्मिक पथ:
यह पद्धति साधक को उसके आध्यात्मिक पथ पर प्रगति में मदद करती है। - क्रोध का निवारण:
लामा फेरा क्रोध को नियंत्रित करने में मदद करती है। - संबंधों में सुधार:
यह पद्धति व्यक्तिगत और सामाजिक संबंधों में सुधार लाती है। - वातावरण की शुद्धि:
लामा फेरा का प्रयोग वातावरण को शुद्ध और सकारात्मक बनाने में किया जा सकता है। - भावनात्मक संतुलन:
यह तकनीक भावनात्मक संतुलन को बहाल करती है। - सहज बुद्धि:
लामा फेरा साधक की सहज बुद्धि को विकसित करती है। - आत्मज्ञान:
यह पद्धति साधक को आत्मज्ञान की ओर अग्रसर करती है।
सावधानियां
- विशेषज्ञ की निगरानी:
लामा फेरा को एक प्रशिक्षित और अनुभवी हीलर की निगरानी में ही करना चाहिए। - शुद्धि और पवित्रता:
हीलर और हीली दोनों को शुद्ध और पवित्र स्थिति में होना चाहिए। - ध्यान और मन की स्थिति:
लामा फेरा के दौरान ध्यान और मन की स्थिति का विशेष ध्यान रखना चाहिए। - सकारात्मक दृष्टिकोण:
हीली को लामा फेरा के दौरान सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखना चाहिए। - शारीरिक स्थिति:
लामा फेरा को केवल स्वस्थ शारीरिक स्थिति में किया जाना चाहिए। गंभीर बीमारियों के मामलों में चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक है। - ऊर्जात्मक संतुलन:
लामा फेरा के बाद ऊर्जात्मक संतुलन को बनाए रखने के लिए ध्यान और साधना का अभ्यास करना चाहिए। - स्वास्थ्य जांच:
लामा फेरा को नियमित रूप से करवाने से पहले अपने स्वास्थ्य की जांच करवानी चाहिए। - जल का सेवन:
लामा फेरा के बाद पर्याप्त मात्रा में जल का सेवन करना चाहिए, जिससे शरीर में ऊर्जा का प्रवाह बना रहे। - स्वच्छता:
पूजा स्थल और उपयोगी सामग्री की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। - विश्राम:
लामा फेरा के बाद शरीर को पर्याप्त विश्राम देना चाहिए।
लामा फेरा एक अद्वितीय और शक्तिशाली हीलिंग तकनीक है, जो साधक को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ प्रदान करती है। नियमित अभ्यास और सही विधि से इस पद्धति का पालन करने पर साधक को अवश्य ही लाभ प्राप्त होते हैं।










